Blog का Domain कैसे बदलें? SEO और Traffic बचाने की पूरी गाइड 2026
अब आप अपने ब्लॉग को Professional बनाना चाहते हैं। आपने एक नया Domain भी खरीद लिया है, लेकिन मन में एक सवाल है।
कहीं Domain बदलने से मेरी Google Ranking और Traffic तो खराब नहीं हो जाएगा?
यह चिंता बिल्कुल समझ में आती है। आखिर किसी ब्लॉग को आगे बढ़ाने में मेहनत और समय दोनों लगते हैं।
अच्छी बात यह है कि सही योजना बनाकर पुराने Blog को नए Domain पर ले जाया जा सकता है। हालाँकि, इस प्रक्रिया में Google Ranking बिल्कुल नहीं गिरेगी या सारा पुराना Traffic तुरंत वापस मिल जाएगा, इसकी गारंटी कोई नहीं दे सकता।
इस लेख में हम समझेंगे कि Domain Migration क्या है, Blogger पर नया Domain कैसे जोड़ें, पुराने Links को सही जगह कैसे भेजें और Google Search Console में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
अगर आपने अभी Domain नहीं खरीदा है, तब भी यह गाइड आपके काम आएगी।
1. Domain Migration क्या है और इससे SEO पर क्या असर पड़ता है?
सबसे पहले एक आसान उदाहरण समझते हैं।
मान लीजिए, आपने Blogger पर अपनी वेबसाइट बनाई थी और उसका पता कुछ ऐसा था:
mytechblog.blogspot.com
कुछ महीनों बाद आप अपना Professional Domain खरीद लेते हैं:
www.mytechblog.com
अब आप चाहते हैं कि आपके पुराने Blogspot Address को खोलने वाले Visitors आपके नए Domain पर पहुँच जाएँ।
इसी तरह वेबसाइट का पता बदलने की प्रक्रिया को सामान्य भाषा में Domain Migration कहा जाता है।
लेकिन यहाँ एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है।
Domain बदलना और Hosting बदलना दोनों अलग चीजें हैं।
अगर आप सिर्फ Blogger में Custom Domain जोड़ रहे हैं, तो जरूरी नहीं कि आपको अपना ब्लॉग किसी दूसरी जगह ले जाना पड़े। आपका Content पहले की तरह Blogger पर ही रह सकता है।
वहीं, अगर आप Blogger से WordPress जैसे किसी दूसरे Platform पर जा रहे हैं और साथ में Domain भी बदल रहे हैं, तो आपको Content, Theme, Images, Links और दूसरी सुविधाओं को भी स्थानांतरित करना पड़ सकता है।
क्या Domain बदलने से Google Ranking खत्म हो जाती है?
जरूरी नहीं।
Google की आधिकारिक गाइड के अनुसार, वेबसाइट का पता बदलने के बाद उसे पुराने और नए URLs दोबारा Crawl करके बदलाव समझने पड़ते हैं।
इसी दौरान Search Ranking और Traffic में अस्थायी उतार-चढ़ाव दिखाई दे सकता है।
लेकिन यदि पुराने URLs को नए संबंधित URLs पर सही तरीके से Redirect किया गया है, तो Google पुराने पेज से जुड़े Search Signals को नए पेज पर स्थानांतरित कर सकता है।
याद रखिए, केवल नया Domain खरीद लेना आपकी पुरानी Google Ranking अपने आप स्थानांतरित नहीं करता।
इसलिए Domain Migration के दौरान Content के साथ-साथ URLs पर भी ध्यान देना जरूरी है।
2. पुराने Blog से नए Domain पर जाने से पहले ये 7 काम जरूर करें
Domain Migration की सबसे महत्वपूर्ण तैयारी असल में Domain बदलने से पहले शुरू होती है।
जल्दबाजी में पुराना Domain हटाने और नया जोड़ने से बचें। पहले अपनी वेबसाइट की वर्तमान स्थिति समझें और जरूरी जानकारी सुरक्षित कर लें।
1. अपनी वेबसाइट का पूरा Backup तैयार करें
मान लीजिए आपके ब्लॉग पर 150 Posts प्रकाशित हैं। अगर Domain बदलते समय आपको किसी सेटिंग या पुराने Content की जरूरत पड़ गई, तो Backup आपके बहुत काम आ सकता है।
अगर आप Blogger इस्तेमाल करते हैं, तो इन चरणों का पालन करें:
Blogger Dashboard खोलें।
Settings पर जाएँ।
Manage Blog में Back up content का विकल्प खोजें।
Download करके Content का Backup सुरक्षित रखें।
Google Takeout से भी अपने Blogger Content का Backup लिया जा सकता है।
इसके अलावा Blogger में Theme सेक्शन खोलें और अपनी मौजूदा Theme की Backup Copy भी डाउनलोड करें।
अगर आपकी वेबसाइट पर Custom HTML Tools, अलग JavaScript, Downloadable Files या विशेष Widgets हैं, तो उनका अलग Backup रखना भी समझदारी होगी।
ध्यान रखें कि केवल Theme की Backup File में आपके सभी Posts और उनका Content सुरक्षित नहीं होता। Content और Theme दोनों का Backup अलग-अलग जाँचें।
2. अपनी सबसे जरूरी Posts की लिस्ट बनाएं
क्या आपको पता है कि आपके ब्लॉग की कौन-सी पोस्ट पर Google से सबसे ज्यादा Traffic आता है?
अगर नहीं, तो Migration से पहले जरूर पता करें।
Google Search Console खोलें। Performance Report में जाकर उन Pages की पहचान करें जिन पर सबसे ज्यादा Clicks और Impressions आते हैं।
इनमें से जरूरी Pages के URLs सुरक्षित कर लें।
सिर्फ लोकप्रिय Posts ही नहीं, बल्कि About Us, Contact Us, Privacy Policy और आपके महत्वपूर्ण Tool Pages भी शामिल करें।
3. पुराने और नए URLs की सूची तैयार करें
इसे URL Mapping कहते हैं।
मान लीजिए आपकी एक पुरानी पोस्ट का पता था:
oldblog.com/2025/08/mobile-tips.html
नए Domain पर उसका पता होगा:
newblog.com/2025/08/mobile-tips.html
अगर आपने Post का Permalink नहीं बदला है, तो URL का बाकी हिस्सा पहले जैसा रह सकता है।
लेकिन अगर आप नए Platform पर जा रहे हैं और Permalink Structure भी बदल रहे हैं, तो पुराने और नए URL अलग हो सकते हैं।
इसलिए एक Google Sheet या Excel File बनाएं।
| पुराना URL | नया URL |
|---|---|
| oldblog.com/about | newblog.com/about |
| oldblog.com/mobile-tips | newblog.com/mobile-tips |
| oldblog.com/contact | newblog.com/contact |
यह केवल समझाने के लिए उदाहरण है।
अपनी वेबसाइट के सभी जरूरी URLs के लिए सही Mapping तैयार करें।
4. नए Domain की History जाँचें
अगर आपने ऐसा Domain खरीदा है जिसे पहले कोई दूसरा व्यक्ति इस्तेमाल कर चुका है, तो उसकी पुरानी History जरूर जाँचें।
आप Wayback Machine की सहायता से उस Domain पर पहले प्रकाशित वेबसाइट के पुराने संस्करण देखने का प्रयास कर सकते हैं।
अगर Domain पर पहले Spam या दूसरी संदिग्ध सामग्री मौजूद थी, तो अतिरिक्त जाँच करें।
नया Domain Search Console में Verify करने के बाद Security & Manual Actions सेक्शन में उपलब्ध जानकारी भी देखें।
5. Internal Links की सूची तैयार करें
आपकी कई Posts में दूसरी पुरानी Posts के Links मौजूद हो सकते हैं।
उदाहरण के लिए, किसी Mobile Tips वाली पोस्ट से आपने Battery Saving वाली पोस्ट का लिंक दिया होगा।
Migration के बाद इन Links को नए Domain के अनुसार अपडेट करना चाहिए, ताकि Visitors सीधे नए पेज पर पहुँचें।
6. Google Analytics और Search Console का Data सुरक्षित करें
Migration से पहले अपनी वेबसाइट के महत्वपूर्ण आँकड़े सुरक्षित कर लें।
इनमें पिछले तीन महीनों के Clicks, Impressions, लोकप्रिय Keywords और सबसे ज्यादा Traffic लाने वाले Pages की जानकारी शामिल कर सकते हैं।
अगर आप Google Analytics इस्तेमाल करते हैं, तो उसके Traffic Reports भी देखें।
बाद में यही जानकारी आपको समझने में मदद करेगी कि Migration के बाद आपकी वेबसाइट का प्रदर्शन कितना बदला है।
7. एक साथ बड़े बदलाव करने से बचें
Domain Migration के दौरान पूरी Theme, Content Structure, URLs और Website Platform एक साथ बदलना मुश्किलें बढ़ा सकता है।
अगर संभव हो तो पहले Domain Migration पूरा करें। जब वेबसाइट का प्रदर्शन सामान्य हो जाए, उसके बाद Redesign जैसे बड़े बदलाव करें।
Google भी अपनी Site Migration Guide में बदलावों को अलग-अलग चरणों में करने की सलाह देता है।
3. Blogger में पुराना Domain बदलकर नया Custom Domain कैसे लगाएं?
अब समझते हैं कि अगर आपकी वेबसाइट Blogger पर बनी हुई है, तो आपको क्या करना होगा।
यहाँ दो अलग परिस्थितियाँ हो सकती हैं। इसलिए अपनी वेबसाइट के अनुसार सही तरीका चुनें।
तरीका 1: Free Blogspot Address से Custom Domain पर जाना
मान लीजिए आपकी वेबसाइट का मौजूदा पता है:
mywebsite.blogspot.com
अब आपने नया Domain खरीदा है:
www.mywebsite.com
इस स्थिति में आप उसी पुराने Blogger Blog पर अपना नया Custom Domain जोड़ सकते हैं।
आपको केवल Domain बदलने के लिए अपनी सभी Posts कॉपी करके नया Blog बनाने की जरूरत नहीं है।
Step 1: अपना नया Domain तैयार रखें
सबसे पहले किसी विश्वसनीय Domain Registrar से अपना पसंदीदा Domain खरीदें।
खरीदते समय Domain की Spelling, Renewal Charges और DNS Management की सुविधा जाँचें।
Step 2: Blogger में Custom Domain जोड़ें
Blogger Dashboard खोलें।
इसके बाद Settings में जाएँ और Publishing सेक्शन में Custom Domain पर क्लिक करें।
अब अपना नया Domain दर्ज करें।
उदाहरण:
www.mywebsite.com
ध्यान रखें कि Blogger पर Custom Domain जोड़ते समय www या दूसरा उपयुक्त Subdomain इस्तेमाल करना पड़ता है।
Step 3: DNS Records सेट करें
Blogger आपके Domain को जोड़ने के लिए DNS Records की जानकारी देगा।
आमतौर पर इसमें दो CNAME Records शामिल होते हैं।
पहला CNAME आपके Subdomain को Google के Blogger Server से जोड़ता है।
उदाहरण के लिए:
www → ghs.google.com
दूसरा CNAME आपके Blogger Account और Blog से संबंधित Security Record होता है।
इस दूसरे Record की जानकारी आपके Blogger Dashboard में दी जाएगी। इसे किसी दूसरी वेबसाइट के उदाहरण से कॉपी नहीं करना चाहिए।
अब अपने Domain Registrar के DNS Management सेक्शन में जाकर Blogger द्वारा दिए गए Records जोड़ें।
Step 4: बिना www वाला Domain भी सेट करें
यदि आप चाहते हैं कि कोई व्यक्ति mywebsite.com लिखकर भी आपकी वेबसाइट पर पहुँच जाए, तो Blogger की आधिकारिक गाइड के अनुसार Root Domain के लिए जरूरी A Records सेट करें।
इसके बाद Blogger में Redirect Domain का विकल्प चालू करें।
इससे बिना www वाला आपका Domain, www वाले Domain पर भेजा जा सकेगा।
Step 5: HTTPS चालू करें
जब Custom Domain सही तरीके से जुड़ जाए, तब Blogger की HTTPS Settings जाँचें।
HTTPS उपलब्ध होने के बाद HTTPS Redirect भी चालू करें।
इससे Visitors आपकी वेबसाइट का सुरक्षित HTTPS Version खोल पाएँगे।
DNS और HTTPS के बदलाव लागू होने में कुछ समय लग सकता है।
Blogger के अनुसार, Blogspot Address से नए Custom Domain पर Redirect चालू होने में 24 घंटे तक लग सकते हैं।
तरीका 2: Blogger के एक Custom Domain से दूसरे Custom Domain पर जाना
अब मान लीजिए आपकी वेबसाइट पहले से इस Domain पर चल रही है:
www.oldblog.com
लेकिन अब आप इसका नाम बदलकर यह रखना चाहते हैं:
www.newblog.com
इस स्थिति में सिर्फ Blogger Settings से पुराना Domain हटाकर नया Domain जोड़ देना पर्याप्त नहीं है।
क्यों?
क्योंकि पुराने Domain पर मौजूद आपकी Posts के Links अभी भी Google और दूसरी Websites पर हो सकते हैं।
पुराने Custom Domain की Redirect Settings को अलग से संभालना पड़ता है।
अगर आपका पुराना Domain किसी Registrar या Hosting Provider के माध्यम से Manage हो रहा है, तो वहाँ ऐसी Redirect सुविधा होनी चाहिए जो पुराने URLs को नए संबंधित URLs पर भेज सके।
यह भी सुनिश्चित करें कि पुराने Domain के HTTP, HTTPS और जरूरी Subdomain Versions सही तरीके से Redirect हो रहे हों।
कुछ Domain Forwarding सेवाएँ सभी पुराने URL Paths को सुरक्षित नहीं रखतीं। इसलिए इन्हें इस्तेमाल करने से पहले परीक्षण जरूर करें।
पुराने Custom Domain का काम सही होने की पुष्टि किए बिना उसे बंद न करें।
4. 301 Redirect और Google Search Console में SEO कैसे सुरक्षित रखें?
Domain Migration में केवल नया Domain चालू करना काफी नहीं है।
अगर पुराने Links सही जगह नहीं भेजे गए, तो Visitors को 404 Error मिल सकता है। Google को भी पुराने और नए Pages के बीच संबंध समझने में मुश्किल हो सकती है।
यहाँ 301 Redirect महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
301 Redirect क्या होता है?
301 एक Permanent Redirect होता है।
इसका इस्तेमाल तब किया जाता है जब कोई पेज स्थायी रूप से किसी दूसरे Address पर स्थानांतरित हो गया हो।
मान लीजिए आपकी पुरानी पोस्ट इस URL पर थी:
oldblog.com/mobile-charging-tips
Migration के बाद उसका नया पता है:
newblog.com/mobile-charging-tips
अब जो भी पुराने URL को खोले, उसे नए URL पर पहुँचना चाहिए।
इससे Visitors पुराने लिंक पर क्लिक करने के बाद भी संबंधित लेख पढ़ पाएँगे।
Google भी Permanent Redirects को वेबसाइट के स्थानांतरण का महत्वपूर्ण संकेत मानता है।
एक जरूरी गलती से बचें: सभी पुरानी Posts को नए Domain के Homepage पर Redirect न करें।
पुरानी पोस्ट का Redirect उसके नए संबंधित पेज पर ही होना चाहिए।
Google Search Console में नया Domain कैसे जोड़ें?
सबसे पहले अपने नए Domain को Search Console में जोड़ें और Ownership Verify करें।
इसके बाद पुराने और नए Domain की Search Console Properties की स्थिति जाँचें।
अगर आपका पूरा Domain बदला है, तो पात्रता के अनुसार Search Console के Change of Address Tool का इस्तेमाल किया जा सकता है।
यह Google को बताने में मदद करता है कि आपकी वेबसाइट पुराने Domain से नए Domain पर स्थानांतरित हो गई है।
इसे इस्तेमाल करने से पहले ये बातें सुनिश्चित करें:
पुराने और नए Domain की Ownership Verify हो।
पुराने URLs सही नए URLs पर Redirect हो रहे हों।
नए पेज Google के लिए उपलब्ध हों।
नए Domain पर अनावश्यक Noindex या Crawling Blocks न लगे हों।
ध्यान रखें कि केवल HTTP से HTTPS पर जाने, एक ही Domain के www और non-www Version के बीच बदलाव या सिर्फ URL Path बदलने के लिए Change of Address Tool का इस्तेमाल नहीं किया जाता।
यह भी जरूरी नहीं कि प्रत्येक Blogspot Migration में आपको यह Tool इस्तेमाल करना पड़े। अपनी Migration की स्थिति और Tool की पात्रता के अनुसार ही आगे बढ़ें।
नए Domain का Sitemap Submit करें
Search Console में अपना नया Domain चुनें।
इसके बाद Sitemaps सेक्शन खोलें और अपनी वेबसाइट का Sitemap Submit करें।
Blogger पर सामान्य Sitemap का पता इस तरह होता है:
https://www.example.com/sitemap.xml
यहाँ example.com की जगह अपना Domain इस्तेमाल करें।
Sitemap Google को नए URLs खोजने में मदद करता है। हालाँकि, Sitemap Submit करने से हर URL का Google पर Index होना सुनिश्चित नहीं होता।
इसके बाद URL Inspection Tool का इस्तेमाल करके अपनी महत्वपूर्ण Posts की Indexing स्थिति जाँचें।
Canonical URLs भी जाँचें
Canonical URL का आसान मतलब है किसी पेज का वह मुख्य URL जिसे आप Search Engines के सामने प्राथमिक रूप में प्रस्तुत करना चाहते हैं।
नए Domain पर प्रकाशित Posts के Canonical URLs पुराने Domain की तरफ नहीं जाने चाहिए।
साथ ही, नए पेज के Internal Links में पुराने Domain के बजाय नया Domain इस्तेमाल करें।
अगर आपने कोई नई Theme लगाई है, तो उसकी SEO और Canonical Settings को भी जाँचें।
5. Domain बदलने के बाद क्या करें? SEO Monitoring और जरूरी Checklist
अब मान लीजिए आपका नया Domain सफलतापूर्वक चालू हो गया है।
क्या आपका काम यहीं खत्म हो गया?
बिल्कुल नहीं।
अगले कुछ सप्ताह वेबसाइट के प्रदर्शन को समझने और संभावित समस्याओं को ठीक करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
सबसे पहले अपनी महत्वपूर्ण Posts खोलकर देखें।
पुराने Domain की लोकप्रिय Posts के URLs कॉपी करें और एक-एक करके जाँचें।
सुनिश्चित करें कि पुराना URL नए संबंधित पेज पर खुल रहा है और नया पेज सही तरीके से काम कर रहा है।
इसके बाद अपने Homepage, Categories, Images, Navigation Menu और महत्वपूर्ण Tool Pages भी जाँचें।
अगर आपकी वेबसाइट पर ऑनलाइन Tools हैं, तो सिर्फ उनका पेज खुलना ही पर्याप्त नहीं है। Upload, Preview, Processing और Download जैसी मुख्य सुविधाओं का भी परीक्षण करें।
Google Search Console को नियमित रूप से देखें।
नई वेबसाइट के Pages और Indexing Reports में संभावित समस्याओं की जाँच करें।
खासकर इन बातों पर ध्यान दें:
कौन-से नए URLs Google पर Index हुए हैं?
किन Pages पर 404 Errors आ रहे हैं?
क्या कोई जरूरी Page गलती से Noindex हो गया है?
क्या Sitemap सही तरीके से पढ़ा जा रहा है?
क्या पुरानी महत्वपूर्ण Posts के नए URLs खुल रहे हैं?
पुराने और नए Domain के Performance Data की तुलना करें।
Migration के दौरान पुराने Domain के Clicks कम होना और नए Domain के Clicks बढ़ना सामान्य हो सकता है।
हालाँकि, अगर आपकी महत्वपूर्ण Posts नए Domain पर उपलब्ध नहीं हैं या उनमें लगातार Crawling Errors आ रहे हैं, तो उनकी जाँच करना जरूरी है।
पुराना Domain कब तक रखना चाहिए?
अगर आपने एक पुराने Custom Domain से दूसरे Custom Domain पर Migration किया है, तो पुराने Domain को तुरंत बंद न करें।
Google की Site Migration Guide के अनुसार Permanent Redirects को यथासंभव लंबे समय तक, सामान्यतः कम से कम एक साल तक बनाए रखना बेहतर है।
इससे Google को पुराने और नए URLs के बीच बदलाव समझने का समय मिलता है।
उपयोगकर्ताओं के लिए पुराने Links लंबे समय तक काम करते रहें, तो Redirects को उससे भी अधिक समय तक रखना उपयोगी हो सकता है।
अगर आपको पुराने Domain पर अब भी Traffic मिल रहा है, तो उसे बंद करने से पहले स्थिति सावधानीपूर्वक जाँचें।
Domain Migration Checklist
नए Domain पर जाने से पहले और बाद में नीचे दी गई Checklist जरूर जाँचें।
| जरूरी काम | स्थिति |
|---|---|
| पुराने Blog का Content Backup | ☐ |
| Theme और Custom Tools का Backup | ☐ |
| महत्वपूर्ण URLs की सूची | ☐ |
| नए Domain की History और DNS जाँच | ☐ |
| पुरानी और नई Posts की URL Mapping | ☐ |
| जरूरी Permanent Redirects | ☐ |
| HTTPS और Canonical URL की जाँच | ☐ |
| नए Domain की Search Console Verification | ☐ |
| नया Sitemap Submit | ☐ |
| Internal Links और Website Tools का परीक्षण | ☐ |
| Migration के बाद नियमित Monitoring | ☐ |
इन सभी बातों पर ध्यान देने से Domain बदलने की प्रक्रिया ज्यादा व्यवस्थित बन सकती है।
FAQ: Blog Domain Migration से जुड़े जरूरी सवाल
Q1. क्या Blogger में Custom Domain लगाने से पुरानी Posts Delete हो जाएँगी?
नहीं। अगर आप उसी मौजूदा Blogger Blog पर Custom Domain जोड़ रहे हैं, तो केवल Domain बदलने से आपकी पुरानी Posts अपने आप Delete नहीं होतीं। फिर भी बदलाव करने से पहले Backup जरूर रखें।
Q2. क्या Domain बदलने पर Google Ranking तुरंत वापस आ जाएगी?
इसकी गारंटी नहीं है। Google को पुराने और नए URLs के बीच बदलाव समझने में समय लगता है। सही Redirects और तकनीकी सेटिंग्स Migration को बेहतर तरीके से पूरा करने में मदद करती हैं।
Q3. क्या पुराना Domain बंद करना जरूरी है?
नहीं। पुराने Custom Domain को कम से कम Migration पूरी होने और Redirects से जुड़ी जरूरतें समझने तक सक्रिय रखना चाहिए। Google लंबे समय तक Permanent Redirects बनाए रखने की सलाह देता है।
Q4. क्या नए Domain पर फिर से Google AdSense Approval लेना पड़ेगा?
यह आपकी Migration और AdSense में नई साइट की स्थिति पर निर्भर करेगा। AdSense में नया Domain जोड़ने और उसकी समीक्षा से संबंधित वर्तमान नियम जाँचें। केवल पुरानी साइट पर Approval होने से नए Domain की स्थिति के बारे में अनुमान न लगाएँ।
Q5. नए Domain को Google पर Index होने में कितना समय लगता है?
इसका कोई निश्चित समय नहीं है। Google के अनुसार, मध्यम आकार की वेबसाइट के अधिकांश Pages को नए Domain पर स्थानांतरित होकर Search Results में दिखाई देने में कुछ सप्ताह या उससे अधिक समय लग सकता है। बड़ी वेबसाइटों में अधिक समय लग सकता है।
Q6. क्या केवल Domain बदलने से वेबसाइट का SEO बेहतर हो जाएगा?
जरूरी नहीं। नया Domain अपने आप बेहतर Ranking की गारंटी नहीं देता। आपकी वेबसाइट का Content, तकनीकी स्थिति और पाठकों के लिए उपयोगिता भी महत्वपूर्ण हैं।
Final Words
किसी पुराने Blog का Domain बदलना एक महत्वपूर्ण फैसला है, खासकर तब जब आपकी वेबसाइट पर पहले से अच्छी संख्या में Posts और Google से Visitors आ रहे हों।
नया Domain खरीदना आसान हो सकता है, लेकिन पुराने Content, Links और Search Performance को व्यवस्थित तरीके से स्थानांतरित करना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
अगर आप Blogger इस्तेमाल करते हैं और सिर्फ Blogspot Address से Custom Domain पर जा रहे हैं, तो प्रक्रिया अपेक्षाकृत सरल हो सकती है।
लेकिन पुराने Custom Domain से किसी दूसरे Domain पर जाते समय Redirects, URL Mapping और Search Console पर अतिरिक्त ध्यान देना चाहिए।
इसलिए Domain बदलने से पहले अपनी वेबसाइट का Backup लें, जरूरी URLs सुरक्षित करें और बिना पर्याप्त तैयारी के पुराने Domain को बंद न करें।
उम्मीद है कि इस गाइड से आपको समझ आ गया होगा कि Domain Migration शुरू करने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
क्या आपने कभी अपनी वेबसाइट का Domain बदला है? अपने अनुभव और Migration के दौरान आई समस्याएँ Comment में साझा करें।
ऐसी ही आसान Blogging, SEO और Technology Guides के लिए Surfingskill पर आते रहें।

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